न्यायालय ने पाया कि पत्नी ने पति के साथ क्रूरता की और छोड़ भी दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) किन्नौर ने क्रूरता और परित्याग के आधार पर पति की तलाक याचिका मंजूर की है। याचिका में पत्नी पर क्रूरता और परित्याग का आरोप था। न्यायालय ने पाया कि पत्नी ने अपने पति के साथ क्रूरता की और उसे छोड़ दिया था। याचिकाकर्ता ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1) के तहत तलाक की याचिका दाखिल की थी। उन्होंने शुरुआत में क्रूरता, व्यभिचार और परित्याग को आधार बनाया था लेकिन बाद में व्यभिचार के आरोप को वापस ले लिया। याचिकाकर्ता के अनुसार, शादी के लगभग एक साल बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। वह बिना किसी कारण के पति को परेशान करती और अपमानित करती थी। बच्चे के जन्म के बाद पत्नी ने पति पर परवाणू की एक कंपनी में नौकरी ढूंढने का दबाव डाला। इसके बाद वहां पत्नी एक व्यक्ति से मिली और उसके साथ मोबाइल फोन पर व्यस्त रहने लगी। अगस्त 2010 में पति को छोड़कर चली गई। इस मामले में पत्नी के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई, क्योंकि वह अदालत में पेश नहीं हुई। न्यायालय ने इन साक्ष्यों के आधार पर क्रूरता और परित्याग के आरोपों को सही पाया। न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि पत्नी ने पति के साथ क्रूरता की थी। विवाह को क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक की डिक्री द्वारा भंग कर दिया गया।