अलग-अलग मामलों में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) ने सुनाया फैसला
एक दोषी को पांच हजार और दूसरे को 10 हजार रुपये का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर की अदालत ने दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में दो दोषियों को 20-20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी नाबालिग लड़की के दुष्कर्म का दोषी पाया गया है। दूसरे मामले में पिता अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म करने का दोषी साबित हुआ है। पहले मामले में अदालत ने दोषी राम बहादुर (48), गांव व डाकघर खलंगा, जिला जुमला आंचलभेरी नेपाल को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 20 वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि पीड़िता और उसकी माता इस घटना के कुछ दिन पहले ही नेपाल से रिकांगपिओ आए थे। पीड़ित नाबालिग को भारत लाने का मकसद यह था कि उसके दिल में छेद था और उसकी माता उसका उपचार भारत में करवाना चाहती थी। 6 नवंबर 2024 को पीड़िता की माता काम की तलाश में बाहर गई हुई थी। इस दौरान पीड़िता पानी भरने के लिए दोषी के क्वार्टर के पास बने नालू के पास गई। तभी शराब के नशे में धुत राम बहादुर पीड़िता को जबरदस्ती अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित ने आरोपी के फोन से अपनी माता को इस घटना के बारे बताया, तो उसकी की माता ने किसी नेपाल मूल के व्यक्ति को फोन करके आरोपी के कमरे के पास भेजा। जब वह कमरे के पास पहुंचा, तो उसे अंदर से रोने की आवाज सुनाई दी। अंदर नशे में धुत आरोपी मौजूद था और पीड़िता भी वहीं पाई गई। इसके बाद पीड़िता की माता ने रिकांगपिओ थाना में शिकायत दर्ज करवाई। जांच के बाद पुलिस ने पॉक्सो कोर्ट में चालान पेश किया। अदालत ने कुल 20 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए। राम बहादुर के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए और अदालत ने उसे दोषी करार दिया। दूसरे मामले में दोषी पर अपनी सगी बेटी के साथ 2-3 साल तक शारीरिक शोषण करने के आरोप सिद्ध हुए। दोषी को 20 साल का कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की ओर से इन दोनों मुकदमों की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।