रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित विशेष न्यायाधीश किन्नौर की अदालत ने 5.75 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) मामले में आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने आरोपी को दो लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। 18 मई को रिकांगपिओ पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोपी विश्वकर्मा को भी गिरफ्तार किया गया था। आरोपी ने अदालत में बताया कि जब्त की गई मात्रा वाणिज्यिक मात्रा से कम और छोटी मात्रा से अधिक है। आरोपी को झूठा फंसाया गया है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि समाज में नशीले पदार्थों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि जमानत पर रिहा होने पर आरोपी गवाहों को डरा सकता है या इसी तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। अदालत ने पाया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और आरोपी की हिरासत का कोई उद्देश्य नहीं है। अदालत ने यह भी नोट किया कि आरोपी हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी है और उसके भागने की संभावना नहीं है। एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के कड़े प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होते क्योंकि आरोपी का कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी स्वतंत्रता का दुरुपयोग करता है या शर्तों का उल्लंघन करता है, तो जमानत रद्द की जा सकती है।