अदालत ने की टिप्पणी, अभियोजन पक्ष पौधों को आरोपी से जोड़ने में विफल रहा
साल 2021 में आनी के चानस में खेत से बरामद किए थे 1,340 पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर बुशहर स्थित विशेष न्यायाधीश-II किन्नौर की अदालत ने अफीम के पौधों की खेती करने के मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। अदालत ने मामले में टिप्पणी की है कि अभियोजन पक्ष अफीम के पौधों को आरोपी से जोड़ने में विफल रहा है। आनी पुलिस ने 29 अप्रैल 2021 को चानस में एक खेत में 1,340 अफीम/पोस्त के पौधे बरामद किए। आरोपी धनी राम के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। खेत का वह हिस्सा जिस पर अफीम के पौधे उगाए गए थे, उस पर आरोपी समेत कई हिस्सेदारों का मालिकाना हक था। हालांकि, दूसरे हिस्सेदारों के एफिडेविट के मुताबिक विवादित खेत आरोपी के कब्जे में था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के सेक्शन 18 के तहत मौजूदा चालान फाइल किया गया। आरोपी ने खुद को बेगुनाह बताया और ट्रायल की मांग की। अदालत ने फैसला दिया है कि अभियोजन पक्ष ने सबसे पहले यह साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत पेश नहीं किया है कि यह आरोपी ही है, जिसने खेतों में अफीम के पौधे उगाए थे। इसमें कोई शक नहीं कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सफल रहा है कि पुलिस ने चनास में 1,340 अफीम के पौधे पाए थे, लेकिन वह यह साबित करने में बुरी तरह विफल रहा है कि जिस कथित जमीन पर ऐसी खेती की गई थी वह आरोपी की है और यह आरोपी ही था जिसने वास्तव में अफीम/पोस्त के पौधे उगाए थे।