अदालत ने जांच के दौरान कई विसंगतियां पाईं, पुलिस अधिकारियों के बयानों में था विरोधाभास
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रोहड़ू की विशेष अदालत ने चरस तस्करी के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहने के बाद यह फैसला सुनाया। यह मामला 29 नवंबर 2023 को रोहड़ू पुलिस थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 20 के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी दिनेश के घर के भूतल पर बने गाय के बाड़े से 109.12 ग्राम चरस बरामद करने का दावा किया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दिनेश अपने घर से चरस बेच रहा है। इसके बाद पुलिस दल ने स्वतंत्र गवाहों के साथ मिलकर छापेमारी की थी। हालांकि, अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विशेष कब्जे को साबित नहीं कर पाया। अदालत ने जांच के दौरान कई विसंगतियां पाईं। स्वतंत्र गवाह ने अपनी गवाही में कहा कि वह गाय के बाड़े के अंदर नहीं गई थीं, जहां से चरस बरामद की गई थी। इससे स्वतंत्र गवाह की उपस्थिति में बरामदगी साबित नहीं हो सकी। इसके अलावा, मौके पर कार्रवाई पूरी करने में लगे समय को लेकर जांच अधिकारी और एक अन्य पुलिस अधिकारी के बयानों में विरोधाभास था। जांच अधिकारी ने चार घंटे का समय बताया, जबकि दूसरे अधिकारी ने सात घंटे का समय बताया। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि चरस पर आरोपी का विशेष नियंत्रण था। स्वतंत्र गवाह ने स्वीकार किया कि गाय के बाड़े में काम के लिए नेपाल मूल का एक नौकर रखा गया था। अन्य गवाह भी यह नहीं बता पाए कि गाय का बाड़ा केवल आरोपी के कब्जे में था। अदालत ने कहा कि यदि कोई घर कई व्यक्तियों के कब्जे में हो, तो अभियोजन पक्ष को यह दिखाना होगा कि आरोपी को प्रतिबंधित वस्तु का विशेष ज्ञान और नियंत्रण था। इन कारणों से, अदालत ने दिनेश को सभी आरोपों से बरी कर दिया।