छात्र संघ चुनाव, राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने और अतिथि शिक्षक भर्ती को लेकर खोला मोर्चा
चेताया-जल्द समस्याएं नहीं सुलझी तो सरकार के खिलाफ करेंगे उग्र आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रामपुर इकाई (एबीवीपी) ने बुधवार को मांगों को लेकर एक दिवसीय हस्ताक्षर अभियान चलाया। अभियान के माध्यम से छात्र संघ चुनाव बहाल करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने और सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाने की मांग रखी। इसके अलावा महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रणाली को हटाकर नियमित शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी। इकाई अध्यक्ष आदित्य ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने मांगें जल्द पूरी नहीं की, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। इकाई ने कृषि विश्वविद्यालय की 112 हेक्टेयर भूमि को प्रदेश सरकार की ओर से हस्तांतरित कर न हड़पने, कृषि विश्वविद्यालय में हो रहे शिक्षा के व्यापारीकरण को तत्काल रूप से बंद करने की मांग रखी। साथ ही शोधार्थियों को मिलने वाली मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना को जल्द शुरू करने, प्रदेश के विश्वविद्यालय एचपीयू/एसपीयू में मूल्यांकन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को खत्म करने का प्रयास बंद करने की मांग की। इसके अलावा 5 लाख नौकरियों के झूठे दावे बंद कर स्थायी रोजगार प्रदान करने, हिमाचल प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधारने और बढ़ते नशे पर कड़ा संज्ञान लेने की मांग रखी। एबीवीपी ने रामपुर पुराने बस अड्डे से महाविद्यालय तक पैदल रास्ते का निर्माण करने, राजकीय महाविद्यालय में पत्रकारिता जनसंचार, एमएससी भौतिकी और अन्य रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग भी उठाई है।