रोहड़ू। मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव का शोरगुल बंद हो गया है। बूथ स्तर पर सियासी दलों के कार्यकर्ताओं को मतदान तक अपने गढ़ में सेंध लगाने वालों की पहरेदारी का जिम्मा है। मतदान तक प्रलोभन, कसमें या वायदे से वोट बैंक को प्रभावित करने वालों पर नजर रखी जा रही है। मतदान तक सियासी दलों के कार्यकर्ताओं को वोट बैंक बचाना बड़ी चुनौती है।सियासी दलों के लिए बुधवार शाम तक डोर टू डोर प्रचार का समय है। इस दौरान दूरदराज के गांव में मतदाताओं को पक्का करने के लिए कसमें, वायदे, लूण लोटा जैसे कई हथकंडे अपनाए जाते हैं। कई कार्यकर्ता अफवाहों से भी वोट तोड़ने की कोशिश करते हैं। सियासी दल एक-दूसरे की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रचार थमने के बाद बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को तैनात कर चुके हैं। डोर टू डोर प्रचार में टकराव की संभावना मतदान तक अधिक रहेगी। हालांकि चुनाव आयोग की सख्ती से क्षेत्र में पहले ही आयोजित बैठक में पूरी रणनीति तय की गई है। पुलिस व अर्ध सैनिक बल पूरे क्षेत्र में तैनात किए गए। पेट्रोलिंग टीमें वाहनों की 24 घंटे चेकिंग कर रही हैं। शराब की बिक्री बंद कर दी गई। फिर भी मतदान से पहले की दो रातें पुलिस प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी रहेगी। उधर, निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम रोहड़ू घनश्याम दास शर्मा का कहना है कि जुब्बल-कोटखाई व रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में सभी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। पुलिस दिन-रात गश्त पर तैनात रहेगी। किसी अशांति की सूचना मिलते हर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।