412 मेगावाट अनुबंध मजदूर यूनियन ने प्रबंधन को दी चेतावनी, बायल में विरोध प्रदर्शन, समझौते की मांगों को पूरा करने की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। 412 मेगावाट रामपुर जल विद्युत स्टेशन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने यूनियन और प्रबंधन के बीच हुए समझौते को लागू न करने, काम के आधार पर पद न देने, अनुचित श्रम व्यवहार और मजदूर विरोधी रवैये के खिलाफ शुक्रवार को 17वें दिन परियोजना स्थल बायल में विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, यूनियन अध्यक्ष आनंद मेहता और यूनियन महासचिव नीलदत्त शर्मा ने कहा कि यूनियन ने सतलुज जल विद्युत निगम प्रबंधन को मांग पत्र दिया था, जिसमें प्रमुख मांगें परियोजना में काम कर रहे मजदूरों के लिए पदोन्नति नीति, सामूहिक बीमा, काम के आधार पर पद, वर्दी भत्ता, वर्दी धुलाई भत्ता, यात्रा भत्ता में बढ़ोतरी, रोगी वाहन, शिफ्ट में काम कर रहे मजदूरों को शिफ्ट गाड़ी और कुशवा, खरगा, तुनुन और पोशना व अन्य पंचायत से आ रहे मजदूरों के लिए जगातखाना होकर बस चलाने और कटे हुए ट्रेड को फिर से लगाने की मांगें रखी थी। इस पर प्रबंधन और यूनियन के बीच 25 नवंबर 2023 को लिखित समझौता हुआ था। इसमें प्रबंधन ने सभी मांगों को माना था, परंतु उन्हें लागू नहीं किया। प्रबंधन ने समय-समय पर यूनियन को आश्वासन दिया कि मजदूरों के मुद्दों को हल किया जाएगा, लेकन पांच मुद्दे अभी भी लंबित हैं। समझौते को लागू करने के संदर्भ में यूनियन ने 6 अप्रैल 2024 को प्रबंधन को लिखित पत्र दिया था, जिस पर प्रबंधन द्वारा अब तक कोई उचित बातचीत नहीं की है। एक ओर 1500 मेगावाट परियोजना में सभी मजदूरों को कुशल मजदूर की श्रेणी के तहत काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 412 मेगावाट इस परियोजना में वही काम अकुशल मजदूरों से करवाया जा रहा है। इस तरह खुले तौर पर मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को परेशान करने के लिए प्रबंधन ठेकेदारों पर दबाव बनाकर गैर कानूनी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने परियोजना प्रबंधन को चेताया यदि जल्द से जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो चार जुलाई को प्रोजेक्ट का काम पूर्ण रूप से बंद कर आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इस मौके पर तिलक, दुर्भासानंद, मनोहर, संजीव, आभे राम, रविंद्र, राज कुमार, उत्तम, सेवा दासी, महेंद्र, अमित, बालक राम सहित अन्य मौजूद रहे।