रोहड़ू में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में मौजूद प्रतिनिधि। स्रोत : विभाग
रोहड़ू। कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू में 23वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सोलन के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने अध्यक्षता की। बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी डॉ. उषा शर्मा ने पिछले वर्ष की गतिविधियां और किसान सहायता पहलों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने वैज्ञानिक आंकड़ों और केवीके स्तर पर किसानों की सफलता के आधार पर कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती में प्राकृतिक खेती सबसे उपयुक्त समाधान है। बैठक में किसानों ने अपनी प्रमुख चुनौतियों को स्पष्ट किया। साथ ही केवीके और विश्वविद्यालय से शीघ्र समाधान की अपील की। लोकेंद्र बिष्ट ने तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर पोषक तत्व प्रबंधन को एकीकृत करने की सिफारिश की और इस बात पर जोर दिया कि संतुलित पोषण पौधों को विभिन्न रोगों के प्रकोप से लड़ने में सक्षम बनाता है। एसडीएम धर्मेश रामोत्रा ने नकली कीटनाशकों की जांच पर जोर दिया। अपने समापन भाषण में प्रो. चंदेल ने किसान केंद्रित दृष्टिकोण और प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने की वकालत की। बैठक में एसडीएम धर्मेश रामोत्रा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. इंद्र देव ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। बैठक में बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत पांच ब्लॉकों के किसानों ने भाग लिया।