सांगला सीएचसी में नहीं पूरा स्टाफ, मरीज परेशान
अस्पताल में तीन डॉक्टरों सहित स्टाफ का भारी टोटा
अस्सी से सौ मरीजों की हर दिन रहती है ओपीडी
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)।
किन्नौर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। यहां पिछले कई वर्षों से चल रही स्टाफ की कमी के चलते हजारों लोगों को उपचार की सुविधा नहीं मिल रही है। अस्पताल में तैनात दो डॉक्टर खुद ही पर्ची कटवाकर उपचार करवा रहे हैं। प्रतिदिन इस अस्पताल में 80 से 100 मरीजों की ओपीडी रहती है। ऐसे में इन डॉक्टरों को दोहरी मार झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ कर्मियों की भारी कमी चल रही है। इससे क्षेत्र के लोगों को एक्सरे, दंत, नेत्र सहित अन्य बीमारियों के उपचार के लिए 50 किलोमीटर दूर रिकांगपिओ या फिर सौ किलोमीटर दूर रामपुर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सांगला वैली के किल्बा, सापनी, बटुरी, ब्रुआ, शौंग, चांसु, कामरू, सांगला, बटसेरी, थेमगारंग, रक्छम और छितकुल के करीब एक दर्जन गांवों के हजारों लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरी तरह इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं, लेकिन यहां पर पिछले कई वर्षों से स्टाफ के अभाव में लोगों को बेहतर उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही। स्वास्थ्य केंद्र में वर्तमान समय में दो डॉक्टरों के साथ एक स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट और एक हेल्थ एजुकेटर सहित कुछ ही सहयोगी स्टाफ सेवाएं दे रहे हैं। 30 बिस्तरों की सुविधा वाले इस स्वास्थ्य केंद्र में वर्ष 2009 से एक्सरे तकनीशियन का पद खाली है। अस्पताल में लगी एक्सरे मशीन भी बिना तकनीशियन के धूल फांक रही है। बीते चार वर्ष से अस्पताल में तकनीशियन का पद रिक्त पड़ा है। इसके अलावा अस्पताल में जुलाई 2014 से दंत चिकित्सक, डेंटल मेकेनिक 2013, अगस्त 2013 से नेत्र अधिकारी, नर्सों के एक वार्ड सिस्टर सहित चार पद स्वीकृत हैं। लेकिन वर्तमान समय में एक ही नर्स सेवाएं दे रही है। यहां तक कि इस स्वास्थ्य केंद्र में 2013 से सफाई कर्मियों के दो पद खाली पड़े हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमेश नेगी ने कहा कि भाजपा सरकार की लचर व्यवस्था जमकर सामने आ रही है। भाजपा के शासनकाल में इतने बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ दो डॉक्टर ही सेवाएं दे रहे हैं। क्षेत्र के लोगों को सिर्फ प्राथमिक उपचार ही मिल पा रहा है। कोऑपरेटिव बैंक के निदेशक पीतांबर दास नेगी, पूर्व निदेशक एचपीएमसी रघुवीर सिंह नेगी, आरएल नेगी, प्रधान सांगला सचिन नेगी, प्रधान कामरू विक्रम नेगी, मुकेश नेगी, भागीरथ नेगी, त्रिलोक नेगी, बद्री नेगी, यतेंद्र सिंह नेगी, दीपक नेगी, राजेश नेगी ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जल्द अस्पताल में रिक्त पदों को भरने की मांग की है। इस बारे में सीएमओ किन्नौर डॉ. पदम नेगी ने कहा कि सरकार को बार-बार पत्र लिखकर अवगत करवाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द अस्पताल में स्टाफ की तैनाती करेगी।