रामपुर बुशहर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने दुष्कर्म का आरोप साबित होने पर दोषी को सात साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। दोषी पर शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाने और दुष्कर्म का आरोप था।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने मंगलवार को अगवा कर दुष्कर्म करने वाले दोषी को सात साल का कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस थाना निरमंड में पीड़िता की ओर से दर्ज मामले में शिकायत की थी कि दोषी शिव चंद, पुत्र वीर चंद, निवासी तांगलिंग, तहसील सांगला, जिला किन्नौर ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर अगवा किया और अपने गांव ले गया।
यहां उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने दोषी को तांगलिंग गांव में पीड़िता के साथ पकड़ा था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पोस्को एक्ट की धारा 4 के तहत सात साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं कोर्ट ने भादंसं की धारा 363 के तहत 3 साल का कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी जिला न्यायवादी सुरेश हेटा ने की।