रामपुर बुशहर। रामपुर में धार्मिक आस्था और प्राचीन परंपरा का प्रतीक फाग मेला आज भी अपने इतिहास को कायम रखे है। आज शिमला, कुल्लू और किन्नौर जिले से हजारों की संख्या में लोग फाग मेले का ऐतिहासिक नजारा लेने पहुंचते हैं। रविवार को राज दरबार मैदान में परंपरागत नाटियों का खूब दौर चला। कुल्लू और शिमला जिले से पहुंचे हजारों लोगों ने अपने-अपने ईष्ट देवता के साथ नाटी की फेर में भाग लिया। रविवार को मेले में दिन भर भीड़ रही। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से मेले में पहुंचे लोगों ने जमकर खरीदारी भी की। मेले में पहुंचे देवी-देवता श्रद्धालुओं से घिरे रहे और दिन भर नाच गाने का दौर चला। अपने अपने ईष्ट देव के साथ सैकड़ों की तादाद में लोग नाचते गाते राज दरबार पहुंचे। दर्शकों और श्रद्धालुओं से खचाखच भरे दरबार मैदान में पैर रखने को जगह तक नहीं बची। नगर परिक्रमा करने के पश्चात दोपहर बाद राज दरबार में देवी-देवताओं का आगमन हुआ। देवता पूरे शहर की परिक्रमा कर एक-एक कर राज दरबार पहुंचे। यहां वे अपनी चयनित जगह पर विराजमान हुए। इसके बाद यहां नाटियों का दौर चला। देवी-देवताओं के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मेले के तीसरे दिन का विशेष आकर्षण नगर परिक्रमा और नाटियों का दौर रहा। बुशैहरी नाटी और कुल्लवी नाटियों ने भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। सबसे ज्यादा भीड़ शोली देवता पलथान के साथ रही। वहीं छिज्जा कालेश्वर देवता देवठी के पास भी श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिली।