रिकांगपिओ(किन्नौर)। जिला किन्नौर के निजी कंप्यूटर शिक्षण संस्थानों के संचालकों की बैठक कौशल विकास एवं उद्यमिता इकाई अध्यक्ष शशि दत्त की अध्यक्षता में रिकांगपिओ में हुई। बैठक में जिला भर से 12 निजी कंप्यूटर शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदेश सरकार द्वारा निजी कंप्यूटर शिक्षण संस्थानों के डिप्लोमा को अमान्य करार किए जाने से संचालकों में सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है। बैठक के बाद सभी संस्थानों के संचालकों ने उपायुक्त किन्नौर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा निजी कंप्यूटर शिक्षण संस्थानों के डिप्लोमा को अमान्य करार किए जाने के कारण निजी संस्थानों के संचालकों और विद्यार्थियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा निजी संस्थानों के डिप्लोमा को अवैध घोषित किया है। प्रदेश सरकार के इस फैसले ने प्रदेश के हजारों युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेल दिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लाखों युवाओं ने निजी संस्थानों से एक वर्ष का कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल किया है और लाखों युवा अभी कंप्यूटर प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रदेश सरकार के इस फैसले ने सभी युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। जिला किन्नौर में इन कंप्यूटर संस्थान को चलाने के लिए संचालकों ने लाखों रुपये का बैंक से कर्ज लिया है। यदि सरकार अपने इस फैसले को वापस नहीं लेगी तो प्रदेश भर के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। इस मौके पर नीलम नोरबू, रणजीत कुमार, राजकुमार, विक्रम सिंह नेगी, शेर सिंह, कुलदीप सिंह, दीप राम और ज्ञान सिंह मौजूद रहे।