ज्यूरी/किन्नौर/ठियोग/आनी। ऐतिहासिक तीर्थ स्थल ज्यूरी के उन्नू महादेव में मंगलवार को सुबह से श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंच गए। उन्होंने गर्म पानी के कुंड में स्नान के बाद महादेव की पूजा-अर्चना की। उन्नू मंदिर कमेटी के प्रधान अरविंद सूद ने बताया कि शिवरात्रि के उपलक्ष्य पर 15 फरवरी को विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। किन्नौर जिला की तहसील सांगला के गंगारंग शिव गुफा मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर भक्तों की खासी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर में सांगला वैली के छितकुल, रक्षम, बटसेरी, सांगला, कामरू और चांसू के ग्रामीणों सहित पर्यटक शिव दर्शन के लिए घंटों भीड़ में खड़े रहे। सोमवार को पूरा दिन शिव गुफा मंदिर में शिव के जयकारे गूंजते रहे। ग्रामीणों की मान्यता है कि गंगारंग के पानी से रात्रि के शिव भोग बनाने से मनोकामना पूरी होती हैं। गांगारंग से पानी लाने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं। मंदिर और कैलाश से गंगारंग निकलती है। श्रद्धालुओं के लिए भोग व खीर का इंतजाम हर हर महादेव सेवादल की ओर से किया गया। हर हर महादेव सेवादल के अध्यक्ष यशवीर नेगी, उपाध्यक्ष विधि चंद नेगी, कोषाध्यक्ष दिनेश नेगी, महासचिव प्रविंद्र नेगी, सचिव दीपक नेगी, सहसचिव वरुण नेगी ने बताया कि शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। उधर, प्राचीन शिव मंदिर ठियोग में शिवरात्रि के पर्व पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं ने शिव लिंग पर फूल, बेल पत्र के अलावा दूध चढ़ाया। उधर, आउटर सिराज क्षेत्र में लोग महाशिवरात्रि पर्व को लेकर बेहद उत्साहित रहे। यहां महाशिवरात्रि पर्व प्राचीन परंपरा के अनुसार ही मनाया जाता है। विशेष प्रकार के फलों को आपस में बुनकर इसे लिंग रूप दिया गया और कमरे के एक कोने में नाना प्रकार के फूलों और आभूषणों से इसे सजा कर पूजन के लिए तैयार किया जाता है। लिंग रूप में महादेव का आह्वान कर इसकी विधिवत पूजा की। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना की गई तथा रुद्राभिषेक कर महादेव को प्रसन्न किया गया। आनी के आराध्य शमशरी महादेव मंदिर, कराणा, दलाश, बैहना, देउरी आदि के शिव मंदिरों में महादेव की पूजा कर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।