फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: भूमि धंसने से खतरे की जद में कूट गांव के 12 मकान

विज्ञापन
आनी के कूट गांव को लगातार हो रहे भूस्खलन से बना खतरा। संवाद
विज्ञापन
बरसात के दौरान खाली करवाया गया था पूरा गांव
विज्ञापन


सरकार और प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने की उठाई मांग

संवाद न्यूज एजेंसी

आनी (कुल्लू)। टकरासी पंचायत के कूट गांव में भूमि धंसने से 12 मकान खतरे की जद में आ गए हैं। इन मकानों के परिवार डर के साए में जी रहे हैं। 15 दिन पहले हुई भारी बारिश से गांव के पीछे की भूमि धंस गई थी। इससे गांव के दोनों ओर से बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। हालात इतने गंभीर हो गए कि पूरे गांव को खाली करवा दिया गया था। ग्रामीण अपने रिश्तेदारों और परिचितों के पास शरण मजबूर हो गए। 10 दिन बाद जब मौसम खुला, तो ग्रामीण अपने घर लौट आए, लेकिन खतरा अभी भी टला नहीं है। प्रभावित परिवारों में सोहन लाल, उत्तम ठाकुर, भूप सिंह, सेस राम, मेद राम, मोहन लाल, प्रेम चंद, चरण सिंह, अनूप राम और सिद्ध राम शामिल हैं। प्रभावितों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा अभी तक उनकी सुध लेने कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। गांव के सेस राम के पुत्र रमेश चंद ने बताया कि सोहन लाल का मकान भूस्खलन की सीधी जद में है, जबकि उत्तम ठाकुर और भूप सिंह की गोशालाएं पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। भूप सिंह की एक गाय भी मलबे की चपेट में आकर दब गई थी। इस आपदा ने ग्रामीणों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से गहरी चोट दी है। प्रभावितों ने कहा कि पंचायत प्रधान के निर्देशों पर वे सुरक्षित स्थानों पर जरूर चले गए थे और मौके पर पटवारी भी पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। प्रभावित लोगों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और गांव को सुरक्षित बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं। आनी के एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट का कहना है कि उन्होंने स्वयं कूट गांव का दौरा किया था और संबंधित पटवारी को भी वहां भेजा गया। गांव में भूस्खलन क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करने के लिए ब्लॉक को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वह जल्द एक बार फिर गांव का दौरा करेंगे।

आनी के कूट गांव को लगातार हो रहे भूस्खलन से बना खतरा। संवाद

आनी के कूट गांव को लगातार हो रहे भूस्खलन से बना खतरा। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें