जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 903 और 939 का नतीजा लगभग तैयार है, लेकिन स्टेट विजिलेंस की चिट्ठी के इंतजार में लटक गया है। इन दोनों पोस्ट कोड में पेपरलीक की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस जांच में कई अभ्यर्थी भी संलिप्त पाए गए हैं। दोनों पोस्ड कोड का नतीजा आयोग की ओर से लगभग तैयार है। हालांकि राज्य चयन आयोग को अभी तक इसमें संलिप्त पाए गए अभ्यर्थियों के पुख्ता आंकड़े का इंतजार है ताकि नतीजा घोषित किया जा सके।
कैबिनेट बैठक में जून में इन दोनों पोस्ट कोड का नतीजा घोषित करने के लिए हरी झंडी दी गई है, लेकिन अभी तक इसमें संलिप्त अभ्यर्थियों का पुख्ता आंकड़ा स्टेट विजिलेंस हेड क्वार्टर से राज्य चयन आयोग को नहीं मिला है। कैबिनेट के निर्णय के बाद कुल 16 अभ्यर्थियों की दोनों पोस्ट कोड में संलिप्त पाए जाने की जानकारी सरकार से आयोग को मिली थी। इस जानकारी को पुख्ता करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग और कार्मिक विभाग ने विजिलेंस को पत्र लिखा, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिल सका है। शुरू में आयोग को सरकार से यह जानकारी दी गई थी कि कुल 16 अभ्यर्थी विजिलेंस जांच के घेरे में हैं। ऐसे में 16 पदों का नतीजा घोषित नहीं किया जाएगा जिसमें जेओए पोस्ट कोड 903 के 11 और पोस्ट कोड 939 के 5 अभ्यर्थी विजिलेंस की जांच के घेरे में हैं। नियमों के तहत इन पदों पर नतीजा घोषित नहीं होगा। हालांकि आरोपी अभ्यर्थियों का आंकड़ा स्पष्ट न होने से दोनों पोस्ट कोड के अभ्यर्थियों के परिणाम का इंतजार लंबा होता जा रहा है। दोनों पोस्ट कोड में कुल 377 पद भरे जाने हैं। इन पदों के लिए हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के चेयरमैन आरके पुरुथी ने कहा कि विजिलेंस को पत्र लिखा गया है। विजिलेंस से जवाब मिलने पर मामले में संलिप्त अभ्यर्थियों का आंकड़ा स्पष्ट होगा। जितने अभ्यर्थी पेपरलीक में संलिप्त होंगे उतने पदों का नतीजा फिलहाल घोषित नहीं होगा। दोनों पोस्टकोड का परिणाम लगभग तैयार है अब महज विजिलेंस से जवाब का इंतजार है। एसपी विजिलेंस मंडी कुलभूषण वर्मा ने कहा कि इस मामले में स्टेट हेड क्वार्टर को जवाब दिया गया है। जवाब में दोनों पोस्ट कोड में संलिप्त आरोपियों की जानकारी दी गई है।