मनरेगा श्रमिक संगठन और हिमाचल किसान सभा की बैठक में लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। ग्राम पंचायत थाटा के झुखड़ी में मनरेगा श्रमिक संगठन और हिमाचल किसान सभा की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। इसमें केंद्र व प्रदेश सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कड़ी निंदा की गई।मनरेगा श्रमिक संगठन बालीचौकी के अध्यक्ष इंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को खत्म करने के लिए नया कानून ला रही है, जो मजदूरों के हितों के खिलाफ है। बैठक में बताया गया कि 10 फरवरी 2026 को काम के लिए आवेदन करने के बावजूद 60 दिन बीत जाने पर भी मजदूरों को काम या बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला, जबकि कानून के अनुसार 15 दिन के भीतर रोजगार देना अनिवार्य है। वक्ताओं ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और मजदूरों को डराने के लिए झूठी शिकायतें दर्ज कराने के आरोप भी लगाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रशासन के रवैये के विरोध में 18 अप्रैल को विकास खंड अधिकारी कार्यालय बालीचौकी में 24 घंटे का घेराव किया जाएगा। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई।