मंडी बाइपास फोरलेन पर निर्माणाधीन सुरंग। संवाद
मंडी। मनाली-किरतपुर फोरलेन के तहत मंडी में बिंद्रावणी से लेकर मलोरी तक बाईपास फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही अगस्त में शुरू हो सकती है। पंडोह तक निर्माणाधीन फोरलेन के कार्य को पूरा करने का लक्ष्य जनवरी 2025 रखा गया है। इससे पहले एनएचएआई मंडी-बाईपास फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
मंडी में बिंद्रावणी से मलोरी तक बनाई जा रही चार टनलों में तीन का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है जबकि चौथी का कार्य जोरों पर है। इन चारों टनलों की लंबाई 3600 मीटर है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि जुलाई में मंडी बाईपास फोरलेन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। ऐसे में अगस्त में सुंदरनगर और कुल्लू-मनाली की तरफ जाने वालों को मंडी शहर में लगने वाले जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
इन दिनों मनाली में पर्यटन सीजन पीक पर होने के कारण मंडी में रोजाना जाम लग रहा है। इससे स्थानीय लोगों के साथ नौकरीपेशा लोग भी परेशान हो रहे हैं। पहले टनलों के कार्य को पूरा करने की अवधि फरवरी 2024 रखी गई थी। तब टनलों का निर्माण करवा रही कंपनी ने प्रशासन से दो माह का अतिरिक्त समय मांगा था और अप्रैल तक पूरा करने की बात कही थी।
पहाड़ी की कटिंग के साथ यातायात सुचारु रखने की वजह से हो देरी
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार बिंद्रावणी से आगे पंडोह तक फोरलेन बनाना बड़ी चुनौती है। एक तरफ पहाड़ी और दूसरी तरफ ब्यास नदी है। हाईवे भी संकरा है। ऐसे में मनाली-कुल्लू की तरफ यातायात ज्यादा होने और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार पहाड़ी की कंटिंग के साथ वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने के चलते काम में देरी हो रही है। दूसरी तरफ ब्यास नदी होने के चलते मलबा भी दूसरी जगह ठिकाने लगाना पड़ रहा है। वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था न होने के कारण वाहनों की आवाजाही के साथ ही फोरलेन का कार्य करवाया जा रहा है। इस वजह से कार्य में देरी हो रही है। ऐसे में जनवरी 2025 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंडी बाईपास फोरलेन का कार्य जुलाई में पूरा कर लिया जाएगा। अगस्त से यहां वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है। बिंद्रावणी से आगे पंडोह तक निर्माणाधीन फोरलेन के कार्य को पूरा करने का लक्ष्य जनवरी 2025 रखा गया है। कुल्लू-मनाली की तरफ हाईवे पर ट्रैफिक ज्यादा होने और दूसरी तरफ ब्यास नदी होने के कारण कार्य में देरी हो रही है।
-वरुण चारी, प्रोजेक्ट निदेशक, एनएचएआई