थाची के भनवास हुम में मशाल लेकर भाग लेते लोग। संवाद
परंपरा के साथ निभाई गई सदियों पुरानी रस्म
संवाद न्यूज एजेंसी
थाची (मंडी)। थाची के तहत सोमगाड़ व भनवास में माता अंबिका का पावन बैशाख हूम श्रद्धा के साथ मंगलवार को आयोजित किया। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने सदियों से चली आ रही परंपराओं का निर्वहन करते हुए अग्नि मशालें निकालकर अनूठी धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया। हूम के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत विशेष तंजों के माध्यम से बुरी शक्तियों को दूर भगाने की प्राचीन परंपरा भी निभाई। इस दिन हर घर से एक व्यक्ति मशाल लेकर भाग लेता है, जो एकता और सामूहिक आस्था का प्रतीक है। पहले यह हूम एक ही स्थान भनवास में आयोजित होता था, लेकिन आपसी मतभेदों के चलते अब यह आयोजन दो अलग-अलग पंचायतों में किया जाता है। इस बार सराज क्षेत्र के आराध्य देवता बड़ा देव विष्णु मतलोडा की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। माता अंबिका के गुर तेज राम और दीवान सिंह ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसका उद्देश्य समाज से नकारात्मक शक्तियों को दूर करना है।