मंडी। प्रदेश में 6.6 फीसदी सर्वाधिक कोरोना की पॉजिटिविटी दर वाले मंडी जिला में अभी तक तीस फीसदी आबादी को कोरोना रोधी टीके की एक भी डोज नहीं लगी है। आठ लाख की लक्षित आबादी में अभी तक सत्तर फीसदी का टीकाकरण हुआ है।
इसमें 25 फीसदी आबादी ऐसी भी है, जिन्हें कोविड रोधी टीके के दोनों डोज लगे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 5.60 लाख लोगों को कोरोना रोधी टीके की पहली डोज दी जा चुकी है। वहीं इनमें से 2.5 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज भी लगाई जा चुकी है। ऐसे में बढ़ रहे कोविड मामलों के बीच टीकाकरण अभियान में तेजी लाना जरूरी है ताकि शत-प्रतिशत आबादी को तीसरी लहर से पहले कवर किया जा सके। इस वक्त हिमाचल में मंडी जिला में कोविड के सबसे अधिक 318 एक्टिव मामले हैं।
पंचायत सचिव, ग्रामीण सेवक करेंगे पंजीकरण : डीसी
उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स के साथ बैठक की। उन्हाेंने जिला पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि वे कोविड टीकाकरण केंद्रों पर लोगों के पंजीकरण में स्वास्थ्य विभाग की मदद के लिए पंचायत सचिव और ग्रामीण ग्राम सेवकों की ड्यूटी लगवाएं।
उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव यह सुनिश्चित कीें कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लोगों को कोरोना रोधी टीके की पहली डोज लगवाए 12 हफ्ते हो चुके हैं, उनसे संपर्क कर दूसरी डोज लगवाने को लेकर सूचित किया जाए। डीसी ने कहा कि जिला में स्कूलों के खुलने के चलते उनमें बनाए टीकाकरण केंद्रों को आवश्यकतानुरूप अन्य भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा। सभी एसडीएम को संबंधित बीएमओ से बैठक कर वैकल्पिक टीकाकरण केंद्र बनाने के लिए भवन चिह्नित करने को कहा गया है। उन्होंने मास्क, दो गज, दूरी और सैनिटाइजेशन का जनता से आह्वान किया।
अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए स्वाइन फ्लू रोधी टीका भी
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिले में पब्लिक डीलिंग वाले दफ्तरों के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए स्वाइन फ्लू रोधी टीका लगाने के लिए विशेष अभियान चलाएं। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनुराधा ने कोविड वैक्सीनेशन अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कोविड टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है। वैक्सीन की उपलब्धता के अनुरूप शेड्यूल बनाकर चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है।