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Mandi News: मर्ज एरिया के वार्डों पर बढ़ने लगा गृहकर का बोझ, इसी माह जारी होंगे बिल

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रियायत अवधि के 7 माह बाद भी शुरू नहीं हुआ मर्ज एरिया के वार्डों में गृहकर सर्वे
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क्रॉसर
- मर्ज एरिया के वार्डों में अक्तूबर 2023 तक थी रियायत
- शहरवासियों को पुराने सर्वे के अनुसार ही जारी होंगे बिल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम के तहत आते मर्ज एरिया के वार्डों में गृहकर का बोझ लोगों पर बढ़ने लगा है। रियायत अवधि अक्तूबर 2023 में संपन्न होने के 7 माह बाद भी मर्ज एरिया के वार्डों में गृहकर सर्वे अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। केंद्र की एजेंसी को मर्ज एरिया में गृहकर सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्य नहीं हुआ है। वहीं, शहरी क्षेत्र के वार्डों में 8600 उपभोक्ताओं को गृहकर के लिए नगर निगम इसी माह बिल जारी करेगा। इन उपभोक्ताओं से गृहकर 2016-17 में नगर परिषद के समय किए गए सर्वे के अनुसार ही वसूला जाएगा। जबकि मौजूदा समय में कई कई भवन मालिकों की संपत्तियां कई गुणा बढ़ गई हैं। ऐसे में गृहकर को लेकर नया सर्वे न होने से निगम को पिछले 3 साल से लाखों का चूना लग रहा है। इस बार नगर निगम लोगों को गृहकर चुकाने के लिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफ लाइन भी सुविधा भी देगा। बिल में अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर गृहकर का भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए नगर निगम ने वेबसाइट तैयार कर दी है। जून माह के दौरान उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकते हैं। नगर निगम ने पिछले साल शहरवासियों से 2021-22 व 2022- 23 के गृहकर के बिल के रूप में पहली बार करीब पौने पांच करोड़ रुपये प्राप्त किए थे। दो साल के बिल एकमुश्त देने का हालांकि उस दौरान विरोध भी हुआ था लेकिन अब नगर निगम प्रतिवर्ष गृहकर वसूलेगा। 2023-24 के बिल नगर निगम ने तैयार कर दिए हैं। नगर निगम के सह आयुक्त विकास शर्मा ने बताया कि मर्ज एरिया के वार्डों में एजेंसी की ओर से अभी तक गृहकर सर्वे का कार्य शुरू नहीं किया है। सर्वे होने के बाद ही मर्ज एरिया में गृहकर वसूलने को लेकर सरकार की ओर से निर्णय लिया जाएगा। शहरी वार्डों में इसी माह गृहकर के बिल जारी किए जाएंगे।
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