संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। बेटियों के लिंगानुपात में सुधार के लिए कारगर कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिए विभागीय अधिकारी बेहतर ढंग से काम करें। राज्य सरकार ने समाज को जागरूक करने के लिए भी कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने कई योजनाएं एवं कार्यक्रम शुरू किए हैं। यह बात स्वास्थ्य मंत्री डॉ धनीराम शांडिल ने मंडी के संस्कृति संदन में आयोजित देई अभियान के शुभारंभ पर कही।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए पूर्व गर्भाधान एवं पूर्व प्रसव तकनीक अधिनियम-1994 के प्रावधानों का कार्यान्वयन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। मंडी जिला में बालिका लिंगानुपात में सुधार लाने तथा बेटियों के सर्वांगीण विकास एवं सशक्तीकरण के लिए जिला प्रशासन की ओर से देई अभियान शुरू किया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बेटियां समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर एवं जननी हैं। समाज के निर्माण के लिए बेटियों को पढ़ाना व उनकी सुरक्षा करना नैतिक जिम्मेदारी है। इस मौके पर एडीसी निवेदिता नेगी ने कहा कि जिला में लिंगानुपात में सुधार के लिए देई अभियान के तहत व्यापक कार्य योजना तैयार की गई है।
बेहतर काम करने वाली महिलाएं नवाजीं
इस अवसर पर पंचायत स्तर पर बेहतर कार्य करने वाली आठ पंचायतों रंधाड़ा, बंग रैल चौक, चनोल, कोटाधार, एहजू, बनेरा, ठाकुर थाना, करसोग की डबजोत की महिला प्रतिनिधियों सहित हिमाचल डिफेंस वेल्फेयर एसोसिएशन की वीर नारियों, पोल स्टार की विनिता, आंगनबाड़ी वर्कर रुहाना की गीता, तल्याहड़ की हलया देवी, सिहाल की भावना को सम्मानित किया गया। चौकी चंद्राह की खीमी देवी, रूंहज की बिमला, पिपली की हुकमी देवी, राष्ट्रीय खेलोें में बैडमिंटन के लिए गरिमा, हैंडबाल में अवंतिका, जागृति, हिमाचल प्रशासनिक सेवाओं में बबिता धीमान, तहसीलदार शिवाली, निधि को सम्मानित किया गया। वहीं जमा दो और 10वीं की परीक्षा में जिला भर में अव्वल रहने वाली छात्राओं को भी इनाम देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विधायक अनिल शर्मा, पूर्व सीपीएस सोहन लाल, पूर्व प्रत्याशी चेत राम, नरेश चौहान, चंपा ठाकुर, कांग्रेस कार्यकारी जिलाध्यक्ष हरेंद्र सेन, पार्षद राजेंद्र मोहन सहित विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम व गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।