कमरूनाग मंदिर परिसर में आयोजित सरानाहूली मेले के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना पूर्ण होने प
मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, बाहरी राज्यों से पहुंचे लोग
हजारों लोगों ने देवता की पवित्र झील में चढ़ाई नकदी और आभूषण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। मंडी जनपद के बड़ा देव कमरूनाग के ऐतिहासिक सरानाहुली मेले में शुक्रवार को करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने देवता के मंदिर में आशीर्वाद लिया। शुक्रवार को सरानाहुली मेला बड़ा देव कमरूनाग के जयकारों से गूंज उठा। हर वर्ष की भांति इस बार भी सरानाहुली मेला शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। मेले में इस वर्ष हिमाचल सहित अनेक पड़ोसी राज्यों के श्रद्धालुओं ने भी दस्तक दी। मेले में बच्चों के मुंडन संस्कार किए गए। बकरों की बलि के विकल्प के रूप में देवता को नारियल चढ़ाया गया। कमरूनाग की ऐतिहासिक झील में भी श्रद्धालुओं ने नकदी, सोना और चांदी चढ़ाया। पिछले एक सप्ताह से कमरूनाग के सरानाहुली मेले में हजारों श्रद्धालु देवता के दरबार में हाजिरी लगाना शुरू हो गए थे। गोहर उपमंडल के रोहांडा, सरोआधार और धंग्यारा से होकर हजारों श्रद्धालु कमरूनाग के ऐतिहासिक सरानाहुली मेले में पहुंचे। यहां लोगों ने कमरूनाग देवता से आशीर्वाद लिया। कमरूनाग को मंडी जनपद में वर्षा का देवता माना जाता है। हर वर्ष की भांति इस बार भी आषाढ़ संक्रांति के दिन कमरूनाग का शनिवार को सरानाहुली मेला धूमधाम से आयोजित किया गया। इस मेले में भारी तादाद में श्रद्धालुओं ने बड़ा देव के दर्शन किए। कमरूनाग देवता के गूर देवी सिंह उर्फ देबू ने बताया कि पचास हजार से अधिक श्रद्धालु कमरूनाग के सरानाहुली मेले में पहुंचे। उन्होंने बताया कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और जम्मू से भी देवता के भक्तों ने मेले में पहुंचकर देवता से आशीर्वाद लिया। देवता स्थल पर कई राज्यों से उमड़े श्रद्धालुओं से अनेक संस्कृतियों का मेले में मिलन हुआ। गोहर पुलिस थाना प्रभारी लाल चंद ने बताया कि कमरूनाग का सरानाहुली मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो गया है।