मंडी। सरकाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत भांबला के बतैल में अनुसूचित-जाति जनजाति ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से संविधान दिवस मनाया गया। मगर इस मौके पर उस समय बवाल हो गया, जब कार्यक्रम करवाने वाले अनुसूचित-जाति जनजाति ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय के सरकाघाट ब्लॉक से एक हजार रुपये की फीस मांगी गई, इस पर अध्यक्ष अश्वनी कुमार ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि संविधान के निर्माता और जनक डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के नाम पर आंबेडकर भवन का निर्माण बतैल में हुआ है। आंबेडकर भवन बतैल के सभागार में हमें कार्यक्रम करने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि आंबेडकर भवन बतैल का संचालन करने वालों से चाबी मांगी तो उन्होंने कहा कि पहले आप 1000 रुपये की पर्ची कटवाओ तभी आप यहां कार्यक्रम कर सकते हो। अश्वनी ने कहा कि भवन में अगर कोई शादी समारोह या रिटायरमेंट या अन्य कोई राजनीतिक कार्यक्रम हो तो 1000 रुपये की पर्ची काटना जायज है, लेकिन संविधान दिवस का कार्यक्रम करवाने के लिए पर्ची काटना कहां तक उचित है। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपायुक्त मंडी से मांग की है कि इस सारे प्रकरण की जांच करवाई जाए और जो आज हुआ वह भविष्य न हो। इस बारे में ग्राम पंचायत प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि फोन के माध्यम से आंबेडकर भवन को बुक करने की बात हुई थी तो मैंने उन्हें 1000 रुपये जमा करवाने को कहा था, क्योंकि आंबेडकर भवन में कोई भी प्रोग्राम होता है तो उसकी 1000 रुपये की ही पर्ची काटी जाती है।