जोगिंद्रनगर (मंडी)। जल शक्ति विभाग की महत्वाकांक्षी सीवरेज योजना को प्रभावित करने वाले लापरवाह जोगिंद्रनगर शहर के करीब 400 सीवरेज उपभोक्ताओं के पेयजल कनेक्शन काटने की तैयारी है। नोटिस के बावजूद सकारात्मक जवाब न मिलने और सुधार न होने पर अब विभाग कार्रवाई के मूड में है।
आरोप है कि शहरी क्षेत्र में लगभग 400 सीवरेज उपभोक्ताओं ने सीवर पाइपलाइन पर बहुमंजिला इमारतों की छतों पर एकत्रित बारिश व घरों में अन्य दूषित पानी की निकासी भी शामिल कर रखी है। इससे सीवरेज पाइपलाइन में लगातार ब्लॉकेज के अलावा शौचालय से निकलने वाले स्लज भी चैंबरों से तेज बारिश के दोरान ओवरफ्लो होकर बह रही है।
शहरी क्षेत्र के अलावा साथ लगती पंचायत से लाभान्वित करीब 960 सीवरेज उपभोक्ताओं में शामिल हैं। घरेलू व व्यवसायिक उपभोक्ताओं के अलावा नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर को भी नोटिस जारी कर इस व्यवस्था में सुधार लाने के आदेश जल शक्ति विभाग ने जारी किए थे। इनमें अधिकांश उपभोक्ताओं ने विभाग के आदेशों की पालना नहीं की है।
कुछ उपभोक्ताओं की निकासी पेयजल पाइपलाइन भी काटकर निकट भविष्य में इस लापरवाही को दोबारा न दोहराने की हिदायत जल शक्ति विभाग ने दी है। बता दें कि सालाना 75 लाख रुपये सीवरेज योजना के मरम्मत कार्य पर खर्च करने के बावजूद उपभोक्ताओं की यह लापरवाही विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। विभागीय निरीक्षण टीम ने शहरी क्षेत्र के ऐसे लापरवाह उपभोक्ताओं के कनेक्शन की जांच भी की।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि जोगिंद्रनगर शहरी क्षेत्र से मझारनू स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए बिछाई गई करीब 42 किलोमीटर पाइपलाइन और 1600 से अधिक चैंबर उपभोक्ताओं की इस लापरवाही के कारण लगातार प्रभावित हो रहे हैं। दस करोड़ का खर्च सीवरेज योजना पर किया गया है। इस पर कुछ उपभोक्ताओं की लापरवाही से जल शक्ति विभाग को लगातार परेशान झेलनी पड़ रही है। ऐसे में अब सख्त कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।