कांगड़ा। पुुलिस मैदान धर्मशाला में बुधवार को हुई पेंशनरों का आक्रोश रैली का राजनीतिक अपहरण हुआ है। पेंशनर्स की रैली का भाजपा नेताओं की मौजूदगी और संयुक्त संघर्ष समिति के शीर्ष नेतृत्व की मिलीभगत से भाजपायीकरण अत्यंत निंदनीय है और पेंशनर्स समुदाय की गरिमा, निष्पक्षता और सामूहिक संघर्ष के साथ खुला विश्वासघात है। यह बयान वीरवार को हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट के राज्य प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने दिया। उन्होंने कहा कि इस बृहद रैली का भाजपायीकरण न केवल अवसरवादिता का प्रमाण है बल्कि यह भी दर्शाता है कि संघर्ष समिति का नेतृत्व अपनी मूल जिम्मेदारियों से भटककर राजनीतिक संरक्षण के मोह में फंस चुका है। भंडारी ने बताया कि बुजुर्ग पेंशनर्स लंबे समय से ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, अवकाश नकदीकरण और मेडिकल बिलों को लेकर संघर्षरत हैं। ऐसी स्थिति में संघर्ष समिति को उचित एवं सम्मानजनक राजनीतिक दूरी सुनिश्चित कर राजनीतिक तटस्थता को बनाए रखना चाहिए था। इसके लिए उन्हें बुजुर्ग पेंशनर्स से माफी मांगनी होगी।