जोगिंद्रनगर (मंडी)। वीबी-जी राम जी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने की नई व्यवस्था को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण कामगारों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी, नेटवर्क की कमी और तकनीकी खामियों के कारण ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करना काफी कठिन साबित हो रहा है। पंचायत प्रतिनिधि संजय जमवाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है, जहां अधिकांश विकास कार्य दूरदराज और दुर्गम इलाकों में होते हैं। ऐसे स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क न होने से समय पर हाजिरी दर्ज नहीं हो पाती। सर्वर डाउन रहने व तकनीकी खराबी का खामियाजा गरीब कामगारों, वार्ड सदस्यों और पंचायत कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस अनिवार्य ऑनलाइन व्यवस्था में व्यावहारिक बदलाव किया जाए। उधर, खंड विकास अधिकारी प्रतिमा ने बताया कि कामगारों और प्रतिनिधियों को आ रही इन तकनीकी समस्याओं के उचित समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से वार्तालाप किया जाएगा। संवाद