One year imprisonment for check bounce, will have to pay Rs 9 lakh as compensation
मंडी। अदालत ने चेक बाउंस के 11 साल पुराने मामले में दोषी को एक साल की कैद और नौ लाख रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। यह आदेश न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी गोहर बत्सला चौधरी की अदालत ने दिया।
दोषी देविंदर कुमार निवासी बाग, डाकघर जाच्छ, तहसील चच्योट ने 2011 में शिकायतकर्ता को देनदारी चुकाने के लिए ढाई लाख रुपये के चेक जारी किए थे। यह आरोपी के खाते में कम पैसे होने के कारण बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद शिकायतकर्ता मेहर चंद ने दोषी को अपने वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भी भेजा। इसके बावजूद दोषी ने कोई भुगतान नहीं किया। पैसा न मिलने और चेक बाउंस होने पर शिकायतकर्ता ने कोर्ट में केस दायर कर दिया।
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता नारायण ठाकुर ने बताया कि मामले की सुनवाई में गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोषी को जानबूझ खाते में पैसा न होने पर भी चेक जारी करने पर यह सजा सुनाई है। अदालत ने देविंदर कुमार को दोषी करार दिया और एक साल की साधारण कैद और नौ लाख रुपये मुआवजा भरने की सजा सुनाई।