चौंतड़ा (मंडी)। हिमाचल प्रदेश नेशनल फिटनेस कोर शारीरिक अध्यापक संघ के राज्य प्रधान ज्ञान सिंह बिष्ट और जोगेश्वर चंद्र ने प्रदेश सरकार से वर्षों से लटकी वेतन विसंगति को तुरंत दूर करने की मांग की है। संघ के नेताओं ने बताया कि 1973 में केंद्र से राज्य में स्थानांतरित 168 अध्यापकों को 330-560 का वेतनमान दिया गया जबकि दिल्ली में इसी वर्ग को 440-750 का स्केल मिला। केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय और सर्वोच्च न्यायालय के 41 पन्नों के स्पष्ट फैसले के बावजूद हिमाचल का शिक्षा विभाग इस मामले को लटका रहा है। संघ ने स्पष्ट किया कि इस विसंगति को दूर करने से राज्य सरकार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा क्योंकि पूरा बजट केंद्र सरकार वहन करेगी। शिक्षा मंत्री सचिव और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने के बाद भी धरातल पर परिणाम न मिलने से बुजुर्ग हो रहे इन शिक्षकों में भारी निराशा है। संवाद