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Mandi News: अपराजिता बनने के लिए आत्मविश्वास जरूरी

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सुंदरनगर स्थित पैराडाइज पब्लिक स्कूल में अपराजिता कार्यक्रम में शिरकत करने वाली छात्राएं और अध? - फोटो : Mandi
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सुंदरनगर (मंडी)। महिलाओं को अपराजिता बनना है तो आत्मविश्वास मजबूत करना पड़ेगा। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। यह बात शुक्रवार को पैराडाइज पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुंदरनगर के प्रधानाचार्य प्रकाश चंद ने कही।
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अवसर था अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का। इस दौरान छात्राओं को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ-साथ नारी गरिमा को अक्षुण रखने और उनके चेहरे पर आत्मविश्वासी मुस्कान के लिए हर संभव प्रयास करने की शपथ भी दिलाई।
छात्राओं के साथ शिक्षकों ने महिला सशक्तीकरण को लेकर अपने परिवार और रिश्तेदारों को जागरूक करने का संकल्प भी लिया।
प्रधानाचार्य प्रकाश चंद ने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। वे ऑटो से लेकर प्लेन तक चला रही हैं। जरूरत बस अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करने की है। इस कड़ी में अमर उजाला की अपराजिता मुहिम सराहनीय है।
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कार्यक्रम में इनका रहा सराहनीय योगदान
अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षिका अनुराधा, मीरा देवी, मंजुला, हेमलता, रशमी सैनी, देवेंद्रा, प्रियंका शर्मा, बबीना, आरती, सुनीता, मीनाक्षी महाजन, सरस्वती, वीना शर्मा व कृतिका सहित विद्यालय परिवार से जुड़े सभी लोगों का सराहनीय योगदान रहा।
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जागरूक होना जरूरी
आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। आजाद हुए सात दशक बीत गए लेकिन अभी भी महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार नहीं मिल सके हैं। नारियों को अपने अधिकारों के प्रति और अधिक जागरूक होने की जरूरत है।
-कोमल, बारहवीं की छात्रा
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पहल सराहनीय
अमर उजाला की अपराजिता मुहिम एक अच्छी पहल है। इससे महिलाओं में जागरुकता के लिए बल मिलेगा और नारी गरिमा को बरकरार रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी। अपने हक के लिए महिलाएं आगे आ सकेंगी।
-याना, ग्यारहवीं की छात्रा
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नहीं मिला हक
महिला सशक्तीकरण एक अहम मुद्दा है। पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। किसी की काबिलियत का अंदाजा उसके जेंडर से नहीं, मेधा से होता है और महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरुषों के मुकाबले आगे हैं।
-एंजल, 10वीं की छात्रा
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अच्छा लगा
अपराजिता अभियान से जुड़कर अच्छा लगा। अपने परिवार के साथ रिश्तेदारों और दोस्तों को भी नारी गरिमा के सम्मान के लिए प्रेरित करूंगी। समाज में महिलाओं के सम्मान को लेकर अलख जगाने के लिए अभियान को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
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-रिया, नौवीं की छात्रा
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