मंडी। प्रदेश मंत्रिमंडल में मंडी को इतिहास में पहली बार मंत्री नहीं मिल पाया है। इससे जिला के लोगों में मायूसी है।
इसे जिले के लोगों का भाजपा के साथ चलने पर दी गई सजा के तौर पर देखा जा रहा है। मंडी जिले की 10 में से 9 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की ही जीत हुई है। यहां पर मात्र धर्मपुर की 1 सीट कांग्रेस ने जीत हासिल की है। इसके बावजूद वहां के विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।
यहां पर अगर बात मंडी संसदीय क्षेत्र की की जाए तो 17 विधानसभा क्षेत्र में केवल एक मंत्री ही किन्नौर जिले से जगत सिंह नेगी बने हैं। मंडी के इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो 1952 से लेकर 2017 तक जितनी भी सरकारें बनीं उसमें मंडी को मंत्रिमंडल में सीट जरूर मिली है, लेकिन इस बार नहीं मिल पाई। चुनाव में मंडी ने कांग्रेस का साथ नहीं दिया अब सुक्खू मंत्रिमंडल में इसकी अनदेखी साफ साफ तौर पर देखी जा रही है।