जोगिंद्रनगर के एक लैब में बिना बिजली बंद पड़ा टेस्टिंग का काम
जोगिंद्रनगर(मंडी)। जोगिंद्रनगर में सात घंटे पूरी तरह से अंधेरे में डूबा रहा। इसके चलते सभी निजी और सरकारी कार्यालयों का कामकाज प्रभावित हुआ। बिजली गुल होने से उपमंडल के शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण हजारों उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ी। जिन सरकारी और निजी अस्पतालों में जनरेटर नहीं थे, वहां मरीजों का उपचार भी नहीं हो पाया।
स्थानीय अस्पताल में मरीजों के टेस्ट ओर एक्स-रे सेवाएं भी काफी समय तक ठप रहीं। डायलिसिस के मरीजों को उपचार हासिल करने के लंबा इंतजार करना पडा। मंगलवार को बस्सी विद्युत परियोजना प्रबंधन की और से अपने स्विचयार्ड ओर विद्युत ट्रांसफार्मर के मरम्मत कार्य के लिए सुबह साढ़े नौ बजे से सायं साढ़े पांच बजे तक मरम्मत कार्य जारी रहा।
जोेगिंद्रनगर उपमंडल की द्रंग व विकास खंड चौंतड़ा की लगभग 50 से अधिक पंचायतों में बिजली का संकट बना रहा। बैंकों, साइबर कैफे में भी कामकाज प्रभावित हुआ। मकरीड़ी, बस्सी, गवाली और बालकरूपी के 11 केवी के फीडर और 33 केवी बस्सी और मारंडा के सब स्टेशनों में भी मरम्मत कार्य के चलते बिजली आपूर्ति नहीं हो पाने से। बस्सी परियोजना के आरई जितेंद्र कुमार ने बताया कि बिजली के मरम्मत कार्य के चलते 33 व 11 केवी के उपरोक्त फीडरों में बस्सी परियोजना से बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई। इसकी जानकारी उपभोक्ताओं को एक दिन पहले दे दी गई थी।