चैलचौक (मंडी)। अरसे बाद हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों बागवानों को बड़ी राहत दी है। गुठलीदार फलों के पौधों में आई फ्लावरिंग बारिश से प्रभावित हुई है, मगर अब तक हुई बारिश को किसान बागवान अगली फसलों के लिए बेहद लाभदायक मान रहे हैं।
कमरूनाग और शिकारी देवी की पहाड़ियों पर बर्फ गिरने से यहां पारा काफी लुढ़क गया है। निचले इलाकों में भारी बारिश गंदम, लहसुन, मटर, सेब और अन्य नगदी फसलों के लिए संजीवनी से कम नहीं है। किसान और बागवान खेतों और बगीचों में बारिश के बाद खाद देने में जुट गए हैं। ताकि बंपर फसल हो सके। कमरूनाग और शिकारी देवी धार्मिक स्थलों ने सफेद चादर ओढ़ ली है।
मंडी जिले में इस समय मटर की फसल पककर तैयार हो रही है। ऐसे वक्त पर बारिश फायदेमंद है। लहसुन की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है। वहीं, बागवान भी इस बार बर्फबारी न होने से मायूस थे। मगर मूसलाधार बारिश और हल्की बर्फबारी ने सेब बगीचों को पानी से तर कर दिया है।
इस बारिश से सेब की फ्लावरिंग बंपर होने की उम्मीद है। क्षेत्र के किसानों और बागवानों में गुलाब सिंह ठाकुर, मनोज कुमार, रघुवीर सिंह, डिकपाल, चंद्रमणी, देवीराम, ठाकुर दास, प्रेम सिंह, मुरारी लाल, बलंवत कुमार, हेम सिंह, भोला राम और महेंद्र कुमार का कहना है कि समय पर हुई पर्याप्त बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली है। कृषि विषय वाद विशेषज्ञ गोहर खूबराम चौहान ने बताया कि पर्याप्त बारिश से गंदम, लहसुन, मटर और सेब समेत सभी फसलों को संजीवनी मिली है।