संवाद न्यूज एजेंस
जोगिंद्रनगर(मंडी)। जोगिंद्रनगर शहर की ऐतिहासिक गांधी वाटिका में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा अब नए स्वरूप में दिखेगी। भूमि विवाद सुलझने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है।
नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड-4 में स्थापित गांधी वाटिका के जीर्णोद्धार को लेकर भूमि हस्तांतरण का पेच था। 1964 में अपने अस्तित्व में आई ऐतिहासिक गांधी वाटिका में न केवल शहरी क्षेत्र बल्कि ग्रामीण भी पहुंचा करते हैं।
करीब 62 साल पुरानी गांधी की प्रतिमा को बदलकर अब नई प्रतिमा लगाने को लेकर नगर परिषद ने निर्माण कार्य शुरू किया है। पहले सफेद मारबल में गांधी वाटिका आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी जिसमें बदलाव कर बड़ी प्रतिमा लगाने को लेकर कार्य शुरू हुआ है।
अनुमानित 30 लाख रुपये गांधी वाटिका के कायाकल्प पर खर्च किए जा रहे हैं। इसमें लोगों को बैठने की सुविधा, सुबह-शाम की सैर के लिए ट्रैक के निर्माण के अलावा वाटिका में हरियाली बिखेरने के लिए भी लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
वाटिका के सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए रंग-बिरंगी लाइटों से वाटर फाउंटेन का भी निर्माण होगा। लोगों को वाटिका का इतिहास बताने के लिए सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किया जा रहा है।
ओपन जिम की सुविधा गांधी वाटिका में पहले से ही मौजूद है। अब वाटिका में रंग-बिरंगी एलईडी लाइटें लगाने समेत नगर परिषद ने इसके कायाकल्प को लेकर निर्माण कार्य में तेजी लाई है।
नगर परिषद की अध्यक्ष प्रेरणा ज्योति, उपाध्यक्ष प्यार चंद, भाजपा समर्थित पार्षद शिखा व राजीव कुमार ने बताया कि पूर्व में वाटिका के जीर्णोद्धार को लेकर भूमि हस्तांतरण का विवाद निर्माण कार्य में बाधा था।
एसडीएम डॉ. विशाल शर्मा व जिला प्रशासन के सहयोग से विवाद सुलझने के बाद अब निर्माण कार्य तेजी से चला है। नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता शशिभूषण ने बताया कि गांधी वाटिका के जीर्णोद्धार को लेकर अनुमानित 30 लाख रुपये खर्च करने की योजना है।
नगर परिषद के कार्यकारिणी अधिकारी चमल लाल ने बताया कि शहरी क्षेत्र की ऐतिहासिक गांधी वाटिका में स्थापित 60 साल पुरानी प्रतिमा को नए सिरे से लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है।