सरकाघाट (मंडी)। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संत निरंकारी मिशन की ओर से सरकाघाट के पपलोग स्थित निरंकारी भवन में मुक्ति पर्व का आयोजन किया गया। सुंदरनगर से पहुंचे मुख्य संयोजक महात्मा प्रेम सिंह ने निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दिव्य संदेश को प्रस्तुत करते हुए कहा कि देश को अंग्रेजों से तो आजादी मिल गई लेकिन वास्तविक स्वतंत्रता तब तक संभव नहीं है जब तक इंसान बैर-विरोध, नफरत, जाति-पाति, भाषा, ऊंच-नीच और अमीर-गरीब के बंधनों जैसे मन के विकारों से मुक्त न हो जाए। सतगुरु की ओर से प्रदान किए जा रहे ब्रह्मज्ञान के माध्यम से भक्त काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों से मुक्त होकर मानवीय गुणों को अपना रहे हैं। संवाद