सुंदरनगर (मंडी)। भाद्रपद माह की संक्रांति के साथ ही क्षेत्र में काला महीना सोमवार से शुरू हो गया है। लोक परंपराओं और देव नियमों के अनुसार इस पूरे महीने को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। इसी परंपरा का पालन करते हुए पूजा-अर्चना के उपरांत कई प्रमुख देवी-देवताओं के देवालयों के कपाट एक माह के लिए बंद कर दिए गए हैं। मान्यता है कि इस अवधि में देवी-देवता देवभूमि छोड़कर स्वर्ग प्रवास पर चले जाते हैं, हालांकि इस दौरान मां काली के मंदिर खुले रहते हैं। सुकेत सर्व देवता कमेटी के सदस्य डॉ. अभिषेक सोनी ने बताया कि इस माह नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे रक्षा के लिए देवी-देवताओं के गणों और अभिमंत्रित सरसों का प्रयोग करने की देव परंपरा है।