संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। 1 जून से 10 जुलाई तक महज 40 दिनों में जिला मंडी के राजस्व न्यायालयों ने 1092 जटिल मामलों का निपटारा किया। इनमें तकसीम के 402, निशानदेही के 514 और राजस्व दुरुस्ती के 176 मामले शामिल हैं। इस दौरान 2328 इंतकाल भी दर्ज किए गए। उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में राजस्व कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों, विशेषकर एक वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता से निपटारा करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। बैठक में स्वामित्व योजना के तहत चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्यों की भी समीक्षा की गई। सभी तहसील और उप तहसील कार्यालयों को यह कार्य 31 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।