क्षेत्र में आपदाओं, प्रवृत्तियों और बुरी शक्तियों से होगा बचाव
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। अराध्य देवता के मूल स्थान बागीगढ चुंजवाला धार में रविवार को ब्रह्म भोज का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भंडारा ग्रहण किया। समुद्रतल से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर सिराजघाटी स्थित अराध्य देव चुंजवाला की तपोस्थली है। इस स्थान पर देवता के आह्वान पर इससे पूर्व भी इसी तरह भंडारों का आयोजन किया जाता है। इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। इस ब्रह्म भोज का आयोजन क्षेत्र में पड़ने वाली बुरी आपदाओं, प्रवृत्तियों को दूर रखने और अन्य तरह की बुरी शक्तियों से दूर रखने के लिए किया जाता है। हाल ही में नवनिर्मित अराध्य देव चुंजवाला के नए देवरथ के आह्वान पर इस ब्रह्म भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान बुरी शक्तियों को दूर रखने के लिए देव रथ की मौजूदगी में सुरक्षा कार बांधी। अराध्य देवता चुंजवाला के कारदार बुधे राम ने बताया कि इस तरह के ब्रह्म भोज का आयोजन देवता के आह्वान पर किया जाता है। ब्रह्म भोज का संबंध किसी न किसी प्रकार की विपत्तियों से रक्षा करने व बुरी शक्तियों को दूर भगाना होता है। कहा कि शालागाड़ा स्थान पर देवता के आह्वान पर नव निर्मित देवरथ तैयार किया गया है। उसी की खुशी में मंदिर प्रबंधन कमेटी और स्थानीय जनता के सहयोग से ब्रह्म भोज का आयोजन किया गया।