मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव को निकली भव्य जलेब को देखने के लिए लोगों में बहुत अधिक उत्साह देखा गया। इसके लिए छोटी काशी में जनसैलाब उमड़ा की जगह कम हो गई, मगर भीड़ पर भी लोगों की आस्था भारी पड़ गई। अपने देवी- देवताओं के दर्शनों के लिए लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों ने छतों, दीवारों, वाहनों, होटलोें, दुकानों जहां भी जगह मिली वहां से अपने आराध्यों का दीदार किया। यह नहीं कि भव्य जलेब के नजारों को उन्होंने अपने कैमरों में भी कैद किया। इस दौरान वाद्य यंत्रों की ध्वनि पर नाचते गाते देवलु और अतिथियों के सिर पर सजी रंग बिरंगी पगड़ियों से तो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो देवलोक धरती पर उतर आया है। शनिवार को महाशिवरात्रि पर्व के शुुभारंभ पर निकली जलेब का नजारा अलौकिक रहा। इस दौरान ढोल, नगाड़े, करनाल, शहनाई की देव ध्वनि से छोटी काशी मंडी गूंज उठी। शनिवार को राज देवता माधोराय के दरबार से दोपहर तीन बजे के बाद जलेब शुरू हुई और पड्डल मैदान में आयोजित हुई। उपायुक्त कार्यालय एवं राजदेवता माधोराय प्रांगण से लेकर पड्डल मैदान तक सड़क के दोनों तरफ उमड़ी भीड़ ने जलेब में देव आस्था का नजारा देखा। जलेब के दौरान लोगों में अपने मोबाइल से फोटो खींचने के लिए काफी उत्साह दिखाई दिया। उल्लेखनीय है कि जलेब में चुनिंदा देवी-देवता शामिल होते हैं, जबकि जनपद के बड़ादेव कमरूनाग जलेब में शिरकत नहीं करते हैं।
मुख्यमंत्री के साथ हर कोई हाथ मिलाने को उत्सुक
पहली जलेब के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को हाथ हिला कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान हर कोई उनसे हाथ मिलाने को उत्सुक दिखा। हालांकि गांधी चौक और सेरी मंच के समीप मुख्यमंत्री तक पहुंचने के लिए लोगों की भीड़ उनकी ओर बढ़ी। इसे देख सुरक्षा कमियों ने हालात संभालते हुए उन्हें सुरक्षा घेरे में ले लिया। इससे वहां कुछ देर के लिए भगदड़ जैसा माहौल दिखाई दिया।
जलेब निकलने पर शहर में रहा जाम
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की प्रथम जलेब के अवसर पर देवी-देवताओं और देवलुओं सहित आकर्षक शोभायात्रा निकलने पर शहर में करीब एक घंटा तक जाम लगा रहा। इस दौरान अस्पताल मार्ग से स्कूल बाजार होकर पड्डल, बस स्टैंड, पुराना कॉलेज रोड़ से गांधी चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि मेले से पूर्व स्थानीय प्रशासन द्वारा शहर में यातायात पर काबू पाने और जाम से निपटने के लिए पहले ही रूट तय कर दिए थे, जबकि तीन दिन तक निकलने वाली जलेब को देखते हुए शहर में यातायात को बंद कर एक तरफ किया गया है।
पगड़ी बांधने को लगा ओपन स्टॉल
जले में शामिल होने के लिए इस वर्ष जिला प्रशासन की ओर से भीड़ से बचने के लिए उपायुक्त परिसर में पगड़ी बांधने के लिए ओपन स्टेज लगाया गया। इसमें मुख्यमंत्री सुक्खू सहित विधायक, पूर्व विधायक, प्रशासनिक अधिकारियों ने पगड़ी बंधवाई। वहीं दूसरे स्टाल में अन्य विभागों, देवता समाज व अन्य लोगों को पगड़ी बांधी गई।