पधर (मंडी)। माता चामुंडा भगवती को समर्पित तीन दिवसीय किसान मेला पाली सोमवार को शुरू हुआ। मेले का शुभारंभ क्षेत्र के अराध्य देव पाईंदल ऋषि ने किया। इस मौके पर भगवती का सूरज पंख मंदिर से मेला मैदान में प्राचीन सह (स्थान) के पास पहुंचा। देव पाईंदल ऋषि ने माता चामुुंडा भगवती के प्राचीन सह के पास पूजा-अर्चना कर मेले का विधिवत शुभारंभ किया। पुजारी के घर घटना के चलते इस बार माता का रथ मेले मेें उपस्थित नहीं हो सका। माता ने अपने भाई देव पाईंदल ऋषि को आदेश देकर मेले की प्राचीन प्रथा को निभाया। इस मौके पर देव पाईंदल ऋषि ने माता चामुंडा भगवती की ओर से लोगों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। चामुंडा भगवती ने मेला की रस्म को सहर्ष स्वीकार किया। भगवती ने गूरों के माध्यम से कहा कि पुराणी गवांणी नहीं नउंई लगाणी नहीं। अर्थात जो पुरानी परंपरा चली हुई उसी पर लोगों को निर्वहन करना चाहिए। अपनी मर्जी से नई परंपरा शुरू न करें। इस मौके पर मेला कमेटी के अध्यक्ष पंचायत के उप प्रधान जीत राम ठाकुर, सुरेंद्र कुमार उर्फ गुडडू, गिरधारी लाल, ईश्वर सिंह, चामुंडा मंदिर कमेटी के प्रधान नाग राम ठाकुर, भगवती के भंडारी होशियार सिंह ठाकुर, गंगा राम ठाकुर, देव र्पाइंदल ऋषि के पुजारी अरुण कुमार जेतली, गूर हुकम चंद, सुरेंद्र कुमार, नागेंद्र शर्मा, हेम राज आदि उपस्थित रहे। मेले की रस्म को साठ वर्षों से निभाया जा रहा है। मेले में महिला मंडलों, स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल गतिविधियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।