गगरेट भाजपा में दो मंडल बनाए जाने का प्रस्ताव विवादों में
पूर्व मंडल अध्यक्ष ने जताई असहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। भाजपा संगठन में गगरेट विधानसभा क्षेत्र के लिए दो मंडल बनाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गगरेट भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश शर्मा ने इस प्रस्ताव पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि दो मंडल बनाने से न केवल पार्टी विभाजित होगी, बल्कि संगठन कमजोर भी होगा। सतीश शर्मा ने कहा कि मंडल के पदाधिकारियों का चुनाव वर्तमान में केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडल के चुनाव बूथ प्रमुखों की वोटिंग के माध्यम से नहीं होते, बल्कि यह महज कुछ नेताओं के इशारों पर संचालित होते हैं। सतीश शर्मा ने कहा- चाहे वर्तमान विधायक हों, पूर्व विधायक हों या भविष्य के संभावित उम्मीदवार, सभी मंडलों को अपने इशारों पर नचाते हैं। केवल दो-तीन नाम आगे भेजे जाते हैं और उनमें से एक को मंजूरी मिल जाती है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया कि इस प्रक्रिया को बदलते हुए मंडल पदाधिकारियों को सीधे हाईकमान की ओर से नामित किया जाए। इस तरह के चुनाव कराने से कार्यकर्ताओं में बिखराव होता है और आपसी विरोधाभास बढ़ता है। सतीश शर्मा ने यह भी कहा कि पार्टी का मौजूदा स्वरूप पहले से काफी बदल गया है। पूर्व में संगठन का स्थान ऊपर होता था और विधायक का नीचे। अब मंडल विधायकों के इशारे पर चलते हैं, जो पार्टी के संविधान के खिलाफ है। पार्टी हाईटेक नहीं, बल्कि हाईजेक हो रही है। यह एक कर्मठ कार्यकर्ता के लिए पीड़ादायक है। उन्होंने दो मंडल बनाए जाने के प्रस्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र का विधायक एक है तो दो मंडल बनाना सही नहीं है। इससे कार्यकर्ताओं में फूट पड़ेगी और पार्टी की ताकत कम होगी। सतीश शर्मा के इस बयान ने भाजपा के अंदरूनी मामलों में नई बहस छेड़ दी है।