आंधी तूफान ने जिला मंडी में कहर बरपाया है। अंधड़ से स्कूल, घरों और गौशालाओं की टिन की छतें उखड़ गईं। बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से करसोग, कटौला क्षेत्र के कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। सोमवार सुबह भी मंडी में तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। रविवार देर शाम को आंधी तूफान के साथ बारिश हुई। तेज हवा से केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला आरंग की छत उड़ गई। माहौर गांव के पास एचटी लाइन पर पेड़ गिरने से कटौला, नाडली, बथेरी, टिहरी बागी, सेगली गांव में बिजली की आपूर्ति बाधित है। करसोग क्षेत्र के कई गांव में बिजली गुल है।
बखरौट में सेब के पौधे उखड़ गए। करसोग-मंडी, करसोग-शिमला मार्ग पर कई जगह पेड़ गिरने से आधी रात तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। करसोग क्षेत्र में हजारों गांव में बिजली गुल रही। क्षेत्र के चुराग, पांगणा, मांहूनाग, सेरी, सोरता, बिठरी आदि क्षेत्र के राम, धनीराम, अमर सिंह, चेतराम, भीम सिंह, केसर सिंह, ललित कुमार, कांशी राम, युवराज, कलावती आदि ने कहा कि तूफान से कई घरों की छतें उखड़ गई हैं।
घर पर गिरा देवदार का पेड़
ग्राम पंचायत बखरौट में बखलुई गांव में कलावती के घर पर देवदार का पेड़ गिर गया। ललित कुमार के घर की छत तूफान से उखड़ गई। सेरी बखरूण्डा में हरी सरन के दो मंजिला मकान व गौशाला की छत, सोमा देवी बखरूण्डा, चुड़ा राम गांव पैदों, कर्म सिंह रीछणी के दो कमरों की छत तूफान ने उखड़ गई।
नुकसान का आंकलन करने के जारी कर दिए हैं निर्देश : एसडीएम
एसडीएम धर्मपुर किशोरी लाल ने कहा कि सभी पटवारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं कि जहां जहां भी नुकसान हुआ है उसकी रिपोर्ट बनाकर एसडीएम कार्यालय को उप तहसील व तहसील के माध्यम से भेजें, ताकि प्रभावित परिवार को नियमों के अनुसार राहत राशि दी जा सके।