स्नोर घाटी की तहसील औट के तहत काशना के समीप रतुनधार में काष्ठकुणी शैली से बना जालपा माता मंदिर आग लगने से राख हो गया। आग में जालपा माता की प्राचीन मूर्ति भी जल गई। तीन माह पहले ही इस मंदिर का जीर्णोंद्धार किया गया था। करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति राख हो गई है। हालांकि, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
बताया जा रहा है कि बिजली गिरने के कारण ही मंदिर में आग लगी है। प्रशासन की ओर से तहसीलदार औट रमेश राणा ने मौके का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 11 बजे आग लगी तथा कुछ ही समय में लकड़ी के बने मंदिर को आग ने पूरी तरह चपेट में ले लिया। मंदिर के चारों ओर दूर-दूर तक कोई घर नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आग की सूचना देरी से मिली। जब आग लपटें अधिक बढ़ गईं तो टेपर, जला, काशना के ग्रामीणों को घटना का पता चला।
ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मंदिर पूरी तरह से जलकर राख हो गया था। यहां तक की मूर्ति भी जल गई थी।
स्थानीय लोगों मोहन सिंह, हेमराज, जगदीश, हेम सिंह, पिंकू, धर्मेंद्र ने कहा कि मंदिर के समीप पानी न होने से आग बुझाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। जानकारी अनुसार आग लगने का कारण बिजली गिरना बताया जा रहा है। औट के तहसीलदार रमेश राणा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मंदिर पूरी तरह से जलकर राख हो गया है। मंदिर में स्थित जालपा माता की प्राचीन मूर्ति भी पूर्ण रूप से खंडित हो गई है। मंदिर के पुजारी लुदर शर्मा ने कहा कि दस लाख रुपये की संपत्ति राख हुई है।