शहर के ऐतिहासिक प्राचीन महामृत्युंजय मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति के मंदिर में छेड़छाड़ करने के मामले में पुलिस ने पूर्व पुजारी को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को पुजारी को अदालत में पेश किया जहां से जमानत पर रिहा कर दिया। एसडीएम सदर मदन कुमार की शिकायत पर सिटी चौकी पुलिस ने पुजारी के खिलाफ केस दर्ज किया।
प्राचीन महामृत्युंजय मंदिर का प्रदेश सरकार ने हाल ही में अधिग्रहण किया है। यहां प्रशासन ने नया पुजारी व सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात कर दिए हैं। मंदिर में बिना अनुमति के निर्माण कार्य करने पर मंडी बचाओ संघर्ष मोर्चा ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी। उसके बाद सरकार ने मंदिर का अधिग्रहण करने की अधिसूचना जारी की है। गत दिनों जिला प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में मंदिर के सामान की सूची तैयार कर मंदिर में नया पुजारी तैनात किया।
पुजारी पर आरोप है कि मंदिर में बिजली के बोर्ड में लगे स्विच व तारों को उखाड़ना शुरू कर दिया। इसके अलावा वहां रखे अन्य सामान को भी फोड़ना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच पुजारी को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद मंदिर में प्रशासन ने अब पुलिस जवान तैनात कर दिए हैं।
शहरी पुलिस चौकी प्रभारी राम लाल ने कहा कि मंदिर के पुजारी को सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में हिरासत में लिया गया। शनिवार को अदालत ने उसे सशर्त जमानत पर रिहा कर दिया।