मंडी। मंडी में देव संस्कृति सदन के लिए चयनित वन भूमि की फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल गई है। कुल्लू की तर्ज पर बनने वाले देव सदन पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसके अलावा ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल के पास नए पुल निर्माण और शहर के लिए बाईपास निर्माण के लिए 36 करोड़ का प्राक्कलन तैयार किया गया है। इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। एक माह के भीतर पुल और बाईपास निर्माण के लिए टेंडर किए जाएंगे। यह बात ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मंडी में देव संस्कृति सदन के लिए चयनित भूमि की वन विभाग से क्लीयरेंस मिल चुकी है। पिछले साल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने देव सदन का शिलान्यास किया था।
उन्होंने कहा कि विक्टोरिया पुल के पास ब्यास नदी पर नए पुल की डीपीआर में कुछ खामियां होने से अब नए से डिजाइन तैयार किया जाएगा। एक माह के भीतर टेंडर जारी किए जाएंगे, जो एजेंसी डिजाइन तैयार करेगी, वही निर्माण कार्य भी करेगी। पुल और बाईपास के लिए 36 करोड़ रुपये प्राक्कलन तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि पड्डल ग्राउंड में सिंचाई के लिए स्प्रिंग कलर सिस्टम लगाने के लिए 15 लाख और ग्राउंड के चारों ओर पैदल चलने के फुटपाथ बनाने को 70 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। दस दिन के भीतर टेंडर किए जाएंगे ताकि शिवरात्रि महोत्सव के बाद कार्य को शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जनता ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर मोहर लगाई है। पंचायत चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हुए हैं, लेकिन जनता को इस बात का पूरा पता होता है कि चुनाव लड़ने वाले किस पार्टी से हैं। उन्होंने नगर परिषद मंडी में कांग्रेस पार्टी के पास बहुमत होने के बाद भी उपाध्यक्ष पद पार्टी की हार शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पहले सभी पार्टी समर्थित पार्षद उनसे मिले थे। अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए सभी के सामने पर्ची निकाली गई।
उन्होंने नप अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव किसी प्रकार को हस्तक्षेप नहीं किया। अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के लोगों ने ही भाजपा के साथ गठबंधन कर दिया है। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को शहरी विकास विभाग के निदेशक मंडी में नप के नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ बैठक करेंगे। इसमें शहर में अंडर ग्राउंड डिस्टबिन लगाने व अन्य विकास कार्यों पर चर्चा कर पार्षदों से सुझाव लिए जाएंगे।