प्रदेश शिक्षा बोर्ड की चूक से जोगिंद्रनगर विस क्षेत्र के तहत राजकीय उच्च पाठशाला त्रैंबली के छात्रों पर भारी पड़ रही है। बोर्ड की लिपकीय त्रुटियों के कारण स्कूल की बोर्ड परीक्षा केंद्र की मान्यता रद्द हो गई है। इससे अब त्रैंबली स्कूल के छात्रों को परीक्षा देने के लिए 10 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेा। इससे अभिभावकों में खासा रोष है। स्कूल प्रबंधन की ओर से सूचित करने के बावजूद बोर्ड ने लिपकीय त्रुटियों में सुधार नहीं किया। इस कारण स्कूल के दर्जनों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस स्कूल में बोर्ड के परीक्षा देने वाले नवज्योति पब्लिक स्कूल नखलोट के दर्जनों छात्रों को 60 किलोमीटर दूर जाकर बोर्ड की परीक्षा देनी पड़ेगी। अभिभावकों ने बोर्ड की लापरवाही पर कड़ा ऐतराज जताया है। अभिभावकों का कहना है कि जल्द ही बोर्ड त्रुटियों को पूरा कर स्कूल को परीक्षा केंद्र की मान्यता नहीं दी तो आंदोलन का रास्ता अख्तयार करेंगे। पंचायत प्रधान बिटू राम, उप प्रधान पूर्ण चंद, एसएमसी प्रधान मोती राम ठाकुर ने कहा कि बोर्ड का परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए अभिभावकों ने लंबे समय से कोशिशें की थी।
उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने सितंबर 2015 को त्रैंबली स्कूल को परीक्षा केंद्र की मंजूरी दी थी। उसके बाद स्कूल प्रशासन ने दिसंबर 2015 में बोर्ड परीक्षा केंद्र के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली थी। शिक्षा बोर्ड ने लिपिकीय त्रुटियों के कारण स्कूल की परीक्षा केंद्र की मान्यता को रद्द कर दिया है। अभिभावकों ने स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एवं सचिव से स्कूल के परीक्षा केंद्र को मान्यता प्रदान करने की मांग की है।
त्रैंबली नाम से जिला मंडी में दो स्कूल है। एक स्कूल विधानसभा क्षेत्र जोगिंद्रनगर में है। इस स्कूल का कोड 3397 है। वहीं, विधानसभा द्रंग के तहत एक अन्य स्कूल जिसका नाम भी त्रैंबली है। इस स्कूल का कोड 3396 है। बोर्ड ने लापरवाही करते हुए जोगिंद्रनगर विस क्षेत्र स्कूल को परीक्षा केंद्र की सूची से ही हटा दिया है। जिससे अब जोगिंद्रनगर विस क्षेत्र के राजकीय उच्च पाठशाला त्रैंबली के छात्रों को दस किमी दूर कोलंग रोपड़ी जाना पड़ेगा। वहीं, निजी स्कूल के छात्रों को 60 किलोमीटर दूर को द्रंग विस क्षेत्र के त्रैंबली स्कूल में परीक्षा देने के लिए जाना पड़ेगा।
परीक्षा केंद्र के लिए बोर्ड के निर्देशानुसार समय पर तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। शिक्षा बोर्ड के निर्देशों के अनुसार ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
.....हरि सिंह चौहान मुख्य अध्यापक