मोबाइल टावर लगाने के नाम पर एक फर्जी कंपनी ने गोहर उपमंडल की किलिंग पंचायत के सुक्कीबाई गांव में एक युवक को करीब 60 हजार रुपये की चपत लगा दी। किलिंग पंचायत के सुक्कीबाई निवासी योगराज के मोबाइल पर एक फर्जी कंपनी का नाम लेकर एक शातिर ने फोन किया कि उसकी जमीन पर कंपनी मोबाइल टावर लगाना चाहती है। शातिर ने योगराज से कहा कि वह बतौर सिक्योरिटी कंपनी के खाते में तीन हजार रुपए जमा करवा दें।
योगराज शातिर के झांसे में आ गया और उसने बताए गए बैंक खाता संख्या में तीन हजार रुपए जमा करवा दिए। उसके करीब दस दिन बाद योगराज को फिर फोन आया कि कंपनी के अधिकारी उसकी जमीन देखने आ रहे हैं और वह 20 हजार रुपए कंपनी के खाते में जमा करवा दें। योगराज ने इस पर मना कर दिया। उसके बाद फर्जी कंपनी के शातिर ने करीब दस दिन बाद डाक द्वारा योगराज के पते पर 50 लाख रुपए का फर्जी चेक भेज दिया।
चेक मिलते ही योगराज बाग बाग हो गया। 50 लाख का चेक मिलने के बाद शातिर ने योगराज को फिर फोन किया। उसके बाद उसे 50 हजार रुपए उसके खाते में जमा करवाने को कहा। योगराज शातिर के बहकावे में आ गया और उसने तुरंत बैंक जाकर फर्जी कंपनी के खाते में 50 हजार की रकम जमा करवा दी। उसके बाद जब योगराज चेक पर अंकित नाम के पते पर उक्त बैंक में मंडी गया तो बैंक ने फर्जी चेक देख योगराज को तलब कर दिया।
बैंक प्रबंधन ने योगराज को संदिग्ध मानकर पुलिस को सूचना देनी चाही। योगराज के अनुसार बैंक प्रबंधन ने मंडी में उसका चेक कब्जे में ले लिया। योगराज ने घर आकर जब शातिर के नंबर पर फोन करनी चाही तो उसका फोन बंद आ रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ विज्ञापनों में टावर लगाने वाली ऐसी कंपनी के झांसे में अनेक लोग आ रहे हैं। एसएचओ गोहर चांद किशोर ने बताया कि पुलिस में इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे फोन काल से सावधान रहें और इसकी सूचना जल्द पुलिस को दें।