नाबालिग से छेड़छाड़ पर एक साल की साधारण कैद
अदालत ने दोषी को दस हजार जुर्माना अदा करने के भी दिए आदेश
जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके शर्मा की अदालत ने सुनाई सजा
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। नाबालिग से छेड़खानी करने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने दोषी को एक साल का साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर उसे 6 माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके शर्मा की विशेष अदालत ने सरकाघाट तहसील के रोहण (काहन) निवासी नरेश कुमार पुत्र हंसराज के खिलाफ भादंसं की धारा 354 और पोक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत अभियोग साबित होने पर उसे एक-एक साल के साधारण कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी के निश्चित समय में जुर्माना राशि अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार 5 जुलाई 2013 को पीड़ित नाबालिग और उसकी माता ने पुलिस में प्राथमिक दर्ज करवाई थी कि नाबालिग को उसकी माता ने दादा की ओर से बस से भेजे गए दूध को लाने के लिए नजदीकी बस स्टाप पर भेजा था। जब पीड़िता सड़क पर बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान वह वहां आया और उसे कहा कि बारिश से बचने के लिए सड़क के साथ स्थित कमरे में चलो। पीड़िता के मना करने पर आरोपी उसे जबरन घसीटता हुआ कमरे में ले गया और वहां पर उसने पीडिता से छेड़खानी की। पीड़िता ने आरोपी के बाजू पर दांत से काट कर अपने आप को उसके चंगुल से छुड़ाया। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति मान सिंह को उसने आरोपी की हरकत के बारे में बताया। सरकाघाट थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ पोक्सो अधिनियम और दुराचार के प्रयास का मामला दर्ज कर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी करते हुए जिला न्यायवादी बीएन शांडिल ने 16 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी पर दुराचार के प्रयास का अभियोग साबित नहीं हुआ है, लेकिन अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी पर नाबालिग से छेड़खानी करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।