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अवैध कब्जा धारकों पर चला पीला पंजा

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सुंदरनगर स्थित बीएसएल कालोनी में अवैध कब्जे हटाते परियोजना के कर्मचारी व जेसीबी। - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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सुंदरनगर (मंडी)। बीएसएल कॉलोनी में मंगलवार शाम को अवैध कब्जाधारियों पर पीले पंजे का कहर बरपा। बीएसएल परियोजना के टाउनशिप विभाग ने करीब 30 सालों से चौगान और जीरो चौक के निकट लोगों की ओर से किए गए अवैध कब्जे को पुलिस की मौजूदगी में हटाया गया और बनाए गए ढांचे को तहस-नहस कर दिया है। बीएसएल प्रबंधन की इस कार्रवाई से अवैध कब्जा धारकों में हड़कंप मच गया है। इधर, अवैध कब्जा हटाने के बाद करीब दो दर्जन लोग ठंड में सामान सहित सड़क पर आ गए हैं। सुंदरनगर की बीएसएल कॉलोनी में कर्मचारियों के लिए करीब पांच सौ
नए आवास का निर्माण होने के बाद चार दशक पुराने एस-वन और एस-टू के सैकड़ों आवासों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। इनमें से अधिकतर आवासों को तो विभाग ने गिरा दिया था, लेकिन ऐसे आवासों की भी कॉलोनी में कमी नहीं थी, जिनके बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के साथ खिड़की दरवाजे विभाग ने निकाल तो दिए थे लेकिन उन्हें ढहाने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं की गई थी। ऐसे आवासों में अवैध रूप से रहने वालों की यहां पर कोई कमी नहीं थी। इसके साथ ही ऐसे लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हैं, जिन्होंने दशकों से बीएसएल परियोजना के सरकारी आवासों पर जमीन पर कब्जा जमा के अवैध निर्माण कर रखा था। मंगलवार को बीएसएल परियोजना के टाउनशिप विभाग के अधिशासी अभियंता ई.एसपी शर्मा के नेतृत्व में दल ने पुलिस को साथ लेकर सबसे पहले जीरो चौक के निकट असुरक्षित घोषित किए गए आवासों के अवैध कब्जों को तोड़ा और उनका सामान बाहर निकाल दिया। इसके साथ ही चौगान के निकट करीब दो बीघा भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को भी जेसीबी और मजदूरों की सहायता से हटा दिया गया। प्रबंधन की इस कार्रवाई से वहां रहने वाले डेढ़ दर्जन लोग बच्चों सहित सड़क पर आ गए हैं। प्रबंधन की ओर से आनन-फानन में की गई इस कार्रवाई पर उन्होंने रोष जताया है।
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बिना नोटिस दिए कार्रवाई पर जताया रोष
चौगान के निकट अवैध कब्जे हटाने की गाज के शिकार बने मोहन लाल, गोपाल चंद, मंगल कुमार, हल्कू राम और चंद्रमणी ने कहा है कि उनके कब्जों को लेकर मामला अदालत में चल रहा है। यहां से उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई पर स्टे लगा हुआ है। इसके बावजूद बीएसएल प्रबंधन ने उनके आशियानों को तोड़ कर उनको परिवार और सामान सहित सड़क पर ला दिया है। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि उन्हें अपना सामान उठाने और कहीं और शिफ्ट करने का भी मौका नहीं दिया गया।
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दो साल से कब्जे छोड़ने के दिए जा रहे थे नोटिस
बीएसएल परियोजना की टाउनशिप डिवीजन के अधिशासी अभियंता ई. एसपी शर्मा का कहना है कि अवैध कब्जा धारकों को पिछले दो सालों से अवैध कब्जा छोड़ने के बारे में नोटिस दिए जा रहे थे। लेकिन, वे इसकी अवहेलना कर रहे थे। अदालत से किसी भी प्रकार के स्टे की कॉपी कब्जा धारक पेश नहीं कर पाए हैं। बीएसएल कॉलोनी परिसर में जो भी अवैध कब्जे हैं, उन्हें हटाने का काम आगे भी जारी रहेगा।
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