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पीजीआई में किडनी के इलाज के नाम पर ठगे 78 हजार

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- फोटो : amar ujala
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मंडी। मोटर मेकेनिक का काम करके अपने परिवार का गुजर बसर करने वाला विपिन कुमार निवासी जेलरोड धोखाधड़ी का शिकार हुआ है। उसका भाई किडनी के रोग से पीड़ित है। कार ठीक करवाने के लिए आए एक व्यक्ति ने पीजीआई में उसके भाई की किडनी के इलाज के बहाने के एक डाक्टर के नाम पर 78 हजार ऐंठ लिए। लेकिन, जब पड़ताल की गई तो पीजीआई में बताए गए नाम का कोई डाक्टर नहीं निकला। मामले की शिकायत थाना सदर में की गई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि वह एक मेकेनिक है और उसकी दुकान सौली खड्ड में है। इसका भाई किडनी की बीमारी से पीड़ित है। वर्ष 2013 में एक व्यक्ति मुन्नी लाल निवासी बिलासपुर ने इससे अपनी गाड़ी ठीक करवाई। इसके चलते इन दोनों में जान पहचान बढ़ गई और यह दोस्त बन गए। मेकेनिक ने अपने बीमार भाई की बात अपने दोस्त को बताई। इस पर मुन्नी लाल ने कहा कि इसका एक दोस्त डॉक्टर धर्माणी है जो पीजीआई चंडीगढ़ में तैनात है। इससे वह उसके भाई का इलाज करवा सकता है। मई 2017 में जाली डाक्टर धर्माणी ने इसे फोन किया और इलाज करने की बात कही। डाक्टर ने मुन्नी लाल के जरिये उससे कुल रकम 70 हजार रुपये लिए।
बाद मेें 8 हजार बैंक के जरिये भेजे गए। फोन पर बात करके उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनके भाई का इलाज जल्द ही किया जाएगा। बाद में वह अगस्त 2017 में चंडीगढ़ गया तो वहां पर खोज करने पर कोई भी धर्माणी नामक डॉक्टर नहीं मिल सका। अब इसने शक जाहिर किया कि मुन्नी लाल ने जाली डॉ. धर्माणी की बात करके इसके साथ धोखाधड़ी की है। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी के खिलाफ अधीन धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज करके उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने मामले की पुष्टि की है।
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